लखनऊ में आत्मसम्मान की गूंज:
“कौशल किशोर ” ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान शिक्षा-रोजगार और शोषण के खिलाफ बुलंद की आवाज 🎙️

लखनऊ, 13 सितंबर ,
राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर रविवार को पारस महासंघ की ओर से आयोजित ‘आत्मसम्मान रैली’ में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रैली में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं पारस महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल किशोर ने समाज के वंचित वर्गों, युवाओं और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती के लिए सभी वर्गों का सम्मान और एकजुटता जरूरी है।
कौशल किशोर ने समान शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा को देश के विकास की बुनियाद बताते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। उन्होंने नशामुक्त और अपराधमुक्त समाज बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
रैली में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। कौशल किशोर ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधी भर्ती करने और लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रसोइया, रोजगार सेवक, शिक्षामित्र, शिक्षा अनुदेशक, पीआरडी जवान और होमगार्ड समेत विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की बात भी उन्होंने उठाई।
इस अवसर पर आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रसोइया, रोजगार सेवक, शिक्षामित्र, शिक्षा अनुदेशक, पीआरडी जवान और होमगार्ड सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के हितों की आवाज उठाई गई। रैली में वक्ताओं ने कहा कि जनता और कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न वर्गों के लोगों की भी बड़ी भागीदारी रही।