आदेश हुआ ट्रांसफर का, लेकिन रवानगी का नहीं! माल थाने में

सूबे की आवाज़

संवाददाता

ट्रांसफर आदेश बेअसर! माल थाने से दरोगा-सिपाहियों की रवानगी क्यों नहीं?

तबादला कागजों पर, पुलिसकर्मी थाने में! माल में आदेशों के अनुपालन पर उठे सवाल

कमिश्नर के आदेशों के अनुपालन पर सवाल, कई पुलिसकर्मियों की अब तक नहीं हुई रवानगी—आखिर किसके दम पर थाने में टिके हैं कर्मी?

सूबे की आवाज़ संवाददाता

लखनऊ। पुलिस विभाग में स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी माल थाने से कुछ दरोगा और सिपाहियों की रवानगी नहीं होने का मामला सामने आने से महकमे में सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण किए जाने के बावजूद संबंधित कर्मियों के कार्यमुक्त न होने की चर्चा क्षेत्र में जोर पकड़ रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब स्थानांतरण आदेश जारी हो चुके हैं तो आखिर रवानगी क्यों नहीं कराई जा रही है?

बताया जा रहा है कि माल थाना क्षेत्र में तैनात कई पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण किए गए हैं। आदेश के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को नई तैनाती स्थल पर जाना चाहिए था, लेकिन कुछ कर्मियों की रवानगी अब तक नहीं होने की बात सामने आ रही है। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया के पारदर्शी तरीके से अनुपालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

आदेश हुआ, फिर भी थाने में क्यों जमे हैं?

पुलिस महकमे में स्थानांतरण का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रखना और आवश्यकता के अनुसार पुलिसकर्मियों की तैनाती करना होता है। ऐसे में यदि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी किसी कर्मी की रवानगी नहीं होती है तो इसकी वजह सामने आना जरूरी है। क्या रवानगी रोकने के पीछे कोई प्रशासनिक कारण है, या फिर संबंधित अधिकारियों की अनुमति से ही पुलिसकर्मी अभी तक माल थाने में बने हुए हैं?

उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन कौन कराएगा?

मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि स्थानांतरण आदेश उच्च स्तर से जारी किए गए हैं तो उनके अनुपालन की जिम्मेदारी किस अधिकारी की है। रवानगी में देरी होने पर क्या इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है? यदि दी गई है तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों का जवाब पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षित है।

पुलिस व्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर..

स्थानांतरण के बाद लंबे समय तक रवानगी न होने से नई तैनाती वाले स्थान पर पुलिस बल की उपलब्धता और मौजूदा थाने की व्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, अन्य पुलिसकर्मियों के बीच भी स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है। इसलिए पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है।

अब निगाहें उच्चाधिकारियों पर…

माल थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले को लेकर अब निगाहें पुलिस के उच्चाधिकारियों पर टिकी हैं। सवाल यह है कि स्थानांतरण आदेशों के बावजूद जिन पुलिसकर्मियों की रवानगी नहीं हुई है, उनके मामले में विभाग क्या स्थिति स्पष्ट करता है। क्या रवानगी के लिए कोई आधिकारिक आदेश या रोक है? यदि नहीं, तो अब तक कार्यमुक्त क्यों नहीं किया गया?

मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल रवानगी न होने को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और पुलिस विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *