सूबे की आवाज
संवाददाता दीपिका
विश्व उद्यमिता दिवस पर छात्राओं को उद्यमिता, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता का संदेश।

लखनऊ पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, में Institution’s Innovation Council (IIC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में विश्व उद्यमिता दिवस (World Entrepreneurs’ Day) के अवसर पर एक प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में उद्यमिता की भावना, नवाचारपूर्ण सोच, आत्मनिर्भरता तथा रोजगार सृजन की क्षमता को विकसित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम का आयोजन एवं कुशल संचालन डॉ. संजीव कुम एवंडॉ. विशाल वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्राध्यापकों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यक्रम की सफलता में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. निशि मिश्रा एवं डॉ. विशाल वर्मा ने छात्राओं को संबोधित किया। वक्ताओं ने उद्यमिता को केवल व्यवसाय प्रारंभ करने तक सीमित न मानते हुए इसे समस्याओं को अवसरों में बदलने, जोखिम उठाने, नवाचार करने तथा समाज के लिए मूल्य सृजित करने की मानसिकता के रूप में समझाया।
डॉ. संजीव अग्रवाल ने छात्राओं को अपने भीतर उद्यमी दृष्टिकोण विकसित करने तथा बदलती आर्थिक परिस्थितियों में उपलब्ध नए अवसरों को पहचानने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनने की क्षमता भी रखता है। उन्होंने छात्राओं से अपने कौशल, रचनात्मकता और नवीन विचारों को पहचानकर उन्हें व्यावहारिक रूप देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी, नवाचारी एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी है। उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए नए विचारों के साथ आगे बढ़ने तथा देश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक सशक्त छात्रा आगे चलकर एक सशक्त परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उद्यमिता एवं नवाचार से जुड़े विषयों पर सक्रिय सहभागिता की तथा वक्ताओं के साथ संवाद करते हुए अपने प्रश्न भी रखे। संवादात्मक सत्र ने छात्राओं को पारंपरिक रोजगार की सोच से आगे बढ़कर स्वरोजगार, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को सशक्त करियर विकल्प के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।