उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने जारी किया हाई अलर्ट 🚨

संवाददाता दीपिका

🌊नेपाल में बाढ़ का भयानक कहर, भारत के सीमावर्ती राज्यों पर मंडराया खतरा;

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने जारी किया हाई अलर्ट 🚨

 

नेपाल में आई भीषण “आकस्मिक बाढ़” ने भारी तबाही मचा दी है। रसुवा क्षेत्र में , भोटेकोशी नदी के उफान से कई इलाके प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बाद भारत में भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि नेपाल से निकलने वाली नदियों का सीधा असर उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल की स्थिति पर चिंता जताते हुए महाराजगंज, कुशीनगर समेत सीमावर्ती जिलों के प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा है।

नेपाल की बाढ़ का असर भारत में गंडक और नारायणी जैसी नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है। इससे यूपी और बिहार के निचले इलाकों में जलभराव, फसलों को नुकसान और लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ सकता है।

प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत-बचाव टीमों को तैयार रखा गया है। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों से आने वाले पानी को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।

 

🤝 नेपाल की मदद के लिए आगे आया उत्तर प्रदेश, CM योगी ने जताई संवेदना; फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन जारी 📞

 

नेपाल में आई भीषण बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीमावर्ती इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखने और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों की मदद के लिए यूपी सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है। अगर कोई नागरिक नेपाल में फंसा हुआ है या उसके परिवार का कोई सदस्य वहां से संपर्क में नहीं है, तो सहायता के लिए इस नंबर पर जानकारी दी जा सकती है। प्रशासन ने राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों की मदद व सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

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